All Return to the Root
सब आए इस एक में, डाल-पात फल-फूल ।कबिरा पीछा क्या रहा, गह पकड़ी जब मूल ॥
Branch, leaf, fruit, and flower — all arise from this one root. Kabir says: once you have firmly grasped the root itself, what more remains to be sought?
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मूल को पकड़ो, शेष कुछ नहीं
सब आए इस एक में, डाल-पात फल-फूल ।कबिरा पीछा क्या रहा, गह पकड़ी जब मूल ॥
डाल, पत्ते, फल, फूल — सब इसी एक मूल से आते हैं। कबीर कहते हैं, जब मूल को पकड़ लिया, तो फिर पीछे क्या शेष रहा — मूल स्रोत, अर्थात् ईश्वर, को जान लेने पर सब कुछ जाना जाता है।
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मूळ धरा, बाकी काही उरत नाही
सब आए इस एक में, डाल-पात फल-फूल ।कबिरा पीछा क्या रहा, गह पकड़ी जब मूल ॥
फांदी, पान, फळ, फूल — सर्व याच एका मुळातून येतात. कबीर म्हणतात, मूळ पकडल्यावर मग मागे काय उरते — मूळ स्रोत, म्हणजेच ईश्वर, जाणल्यावर सर्वकाही जाणले जाते.
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