Coal Never Turns White
मूरख के सिखलावते, ज्ञान गाँठि का जाय। कोइला होय न ऊजरा, जो सौ मन साबुन लाय॥
Kabir says that trying to teach a fool only drains the teacher's own store of wisdom and peace, since such teaching is wasted effort. A fool remains a fool no matter how much he is instructed — just as coal never becomes white, however much soap is used to scrub it.
कोयला कभी उजला नहीं होता
मूरख के सिखलावते, ज्ञान गाँठि का जाय। कोइला होय न ऊजरा, जो सौ मन साबुन लाय॥
मूर्ख को सिखाने में सिखाने वाले का ही ज्ञान-धन और शांति व्यर्थ चली जाती है। मूर्ख हजार उपदेश देने पर भी वैसा ही रहता है, जैसे सौ मन साबुन लगाने पर भी कोयला कभी उजला नहीं होता।
कोळसा कधीच पांढरा होत नाही
मूरख के सिखलावते, ज्ञान गाँठि का जाय। कोइला होय न ऊजरा, जो सौ मन साबुन लाय॥
मूर्खाला शिकवण्यात शिकवणाऱ्याचेच ज्ञान आणि शांती वाया जाते. मूर्ख हजारो उपदेश देऊनही तसाच राहतो, जसा शंभर मण साबण लावूनही कोळसा कधीच पांढरा होत नाही.