Many Preachers, Few Practitioners
कहन्ता तो बहुते मिला, गहन्ता मिला न कोय। सो कहन्ता बहि जान दे, जो न गहन्ता होय॥
Kabir says that those who merely talk about wisdom are plentiful, but those who truly grasp and live it are rare. He advises letting go of — not chasing after — anyone who speaks of truth but never takes it to heart.
कथन बहुत, ग्रहण विरला
कहन्ता तो बहुते मिला, गहन्ता मिला न कोय। सो कहन्ता बहि जान दे, जो न गहन्ता होय॥
ज्ञान की बातें कहने वाले तो बहुत मिलते हैं, पर उसे हृदय में उतारकर आचरण में लाने वाले बहुत कम। जो ज्ञान को ग्रहण ही नहीं करता, उसके पीछे भटकने की जरूरत नहीं — उसे उसके हाल पर छोड़ दो।
बोलणारे अनेक, आचरणारे विरळ
कहन्ता तो बहुते मिला, गहन्ता मिला न कोय। सो कहन्ता बहि जान दे, जो न गहन्ता होय॥
ज्ञानाच्या गोष्टी सांगणारे पुष्कळ भेटतात, पण ते आचरणात आणणारे फार थोडे. जो ज्ञान स्वीकारतच नाही, त्याच्या मागे धावण्याची गरज नाही — त्याला त्याच्या मार्गाने जाऊ द्यावे.