The Arrowhead Only a Magnet Can Draw
हिलगी भाल शरीर में, तीर रहा है टूट। चुंबक बिना न नीकरे, कोटि पाहन गये छूट॥
An arrow's tip breaks off and lodges deep inside the body, and no ordinary stone, however many are tried, can draw it out — only a magnet can. In the same way, cutting words pierce the mind and lodge there, and no amount of shallow knowledge can remove them; only true discernment can.
चुंबक ही निकाले शल्य
हिलगी भाल शरीर में, तीर रहा है टूट। चुंबक बिना न नीकरे, कोटि पाहन गये छूट॥
शरीर में घुसा तीर का टुकड़ा करोड़ों साधारण पत्थरों से नहीं, केवल चुंबक से निकलता है। वैसे ही मन में धँसे कटु वचनों के बाण थोथे ज्ञान से नहीं, केवल सच्चे विवेक-ज्ञान से निकल सकते हैं।
चुंबकच काढतो शल्य
हिलगी भाल शरीर में, तीर रहा है टूट। चुंबक बिना न नीकरे, कोटि पाहन गये छूट॥
शरीरात रुतलेला बाणाचा तुकडा कोट्यवधी साध्या दगडांनी नाही, फक्त चुंबकानेच निघतो. त्याचप्रमाणे मनात रुतलेले कटू शब्दांचे बाण उथळ ज्ञानाने नाही, तर खऱ्या विवेकज्ञानानेच निघू शकतात.