The Juggler's Dancing Monkey
बाजीगर का बाँदरा, ऐसा जीव मन के साथ। नाना नाच नचाय के, ले राखे अपने हाथ॥
Kabir compares the soul to a juggler's monkey — just as a street performer makes his monkey dance through countless tricks while keeping it firmly in hand, the mind makes the soul dance through endless desires and distractions, always keeping it under its control. Real freedom means recognizing this leash and breaking free of the mind's tricks.
मन का बंदरनाच
बाजीगर का बाँदरा, ऐसा जीव मन के साथ। नाना नाच नचाय के, ले राखे अपने हाथ॥
जैसे बाजीगर बंदर को नचाकर अपने वश में रखता है, वैसे ही मन जीव को अनेक नाच नचाकर सदैव अपने काबू में रखता है। कबीर यहाँ मन की इस चालाकी से सचेत करते हैं।
मनाचा माकडखेळ
बाजीगर का बाँदरा, ऐसा जीव मन के साथ। नाना नाच नचाय के, ले राखे अपने हाथ॥
जसा जादूगार माकडाला नाचवून आपल्या ताब्यात ठेवतो, तसेच मन जीवाला अनेकानेक नाच नाचवून सतत आपल्या वश ठेवते. कबीर इथे मनाच्या या चलाखीपासून सावध करतात.