The Ocean Within the Drop
बुन्द जो परा समुद्र में, सो जानत सब कोय। समुद्र समाना बुन्द में, सो जाने बिरला कोय॥
Everyone knows that a raindrop falls into the ocean and merges with it. But only a rare soul understands the deeper truth: that the ocean itself, rising as vapor through sun and wind, returns and dwells within a single drop. In the same way, most say the soul merges into Brahman, but the rarer truth is that Brahman itself lives within the soul.
बूंद में समाया समुद्र
बुन्द जो परा समुद्र में, सो जानत सब कोय। समुद्र समाना बुन्द में, सो जाने बिरला कोय॥
बूंद का समुद्र में मिल जाना तो सब जानते हैं, पर सूर्य और वायु के प्रभाव से समुद्र का जल भाप बनकर बादल बना और फिर बूंद में समा गया, यह कोई विरला ही जानता है। वैसे ही जीव का ब्रह्म में लीन होना तो सब कहते हैं, पर ब्रह्म भी जीव में ही निहित है -- यह गूढ़ सत्य कोई विरला ही समझता है।
थेंबात सामावलेला समुद्र
बुन्द जो परा समुद्र में, सो जानत सब कोय। समुद्र समाना बुन्द में, सो जाने बिरला कोय॥
थेंब समुद्रात मिसळतो हे सगळ्यांना ठाऊक आहे, पण सूर्य आणि वाऱ्याच्या प्रभावाने समुद्राचे पाणी वाफ बनून ढग होते आणि पुन्हा थेंबात सामावते, हे विरळाच जाणतो. तसेच जीव ब्रह्मात विलीन होतो हे सगळे म्हणतात, पण ब्रह्महि जीवातच वसलेले आहे -- हे गूढ सत्य विरळाच समजतो.