Feared in Death, Cared for in Life
यावत्पवनो निवसति देहे तावत्पृच्छति कुशलं गेहे । गतवति प्राणे गतवति देहे काता बायायति तस्य गृहे ॥ २४ ॥
As long as the breath dwells in the body, that long does the household ask after your welfare. Once the breath has departed and the body is gone, one's own wife grows fearful of that very form in the house.
जीवन में स्नेह, मृत्यु में भय
यावत्पवनो निवसति देहे तावत्पृच्छति कुशलं गेहे । गतवति प्राणे गतवति देहे काता बायायति तस्य गृहे ॥ २४ ॥
जब तक प्राण-वायु शरीर में निवास करती है, तब तक घर में कुशलक्षेम पूछी जाती है। प्राण-वायु के चले जाने पर, शरीर के समाप्त होने पर, घर में पत्नी उसी शरीर से भयभीत हो जाती है।
जीवनात प्रेम, मृत्यूत भीती
यावत्पवनो निवसति देहे तावत्पृच्छति कुशलं गेहे । गतवति प्राणे गतवति देहे काता बायायति तस्य गृहे ॥ २४ ॥
जोपर्यंत प्राणवायू शरीरात वास करतो, तोपर्यंत घरात कुशलक्षेम विचारले जाते. प्राणवायू निघून गेल्यावर, शरीर संपल्यावर, घरात पत्नी त्याच शरीराला भिऊ लागते.