Loved Only While Earning
यावद्वित्तोपार्जनसक्तस्तावत्निजपरिवारो रक्तः । पश्चाद्धाजीवति जरया भर्ते वार्तां कोऽपि न पृच्छति गृहे ॥ ६ ॥
As long as you are occupied earning wealth, that long your own family remains devoted to you. Later, when you merely linger on in old age, no one in the house even bothers to ask after you.
कमाई तक ही प्रेम
यावद्वित्तोपार्जनसक्तस्तावत्निजपरिवारो रक्तः । पश्चाद्धाजीवति जरया भर्ते वार्तां कोऽपि न पृच्छति गृहे ॥ ६ ॥
जब तक तुम धन कमाने में लगे रहते हो, तब तक तुम्हारा अपना परिवार तुमसे स्नेह रखता है। बाद में जब तुम केवल बुढ़ापे में जीवित रहते हो, तब घर में कोई तुम्हारी बात भी नहीं पूछता।
कमाईपुरतेच प्रेम
यावद्वित्तोपार्जनसक्तस्तावत्निजपरिवारो रक्तः । पश्चाद्धाजीवति जरया भर्ते वार्तां कोऽपि न पृच्छति गृहे ॥ ६ ॥
जोपर्यंत तू धन कमावण्यात व्यस्त असतोस, तोपर्यंत तुझे स्वतःचे कुटुंब तुझ्यावर प्रेम करते. नंतर, जेव्हा तू केवळ वृद्धापकाळात जगत राहतोस, तेव्हा घरात कोणीही तुझी विचारपूस करत नाही.