The Chain from Attachment to Delusion
संगात्सङ्गते संजायते कामः कामात्क्रोधोऽभिजायते । क्रोधाद्भवति सम्मोहः सम्मोहस्मृतिविभ्रमः ॥ ८ ॥
From attachment to what one associates with, desire is born; from desire, anger arises. From anger comes delusion; and from delusion, the derangement of memory.
आसक्ति से भ्रम तक की शृंखला
संगात्सङ्गते संजायते कामः कामात्क्रोधोऽभिजायते । क्रोधाद्भवति सम्मोहः सम्मोहस्मृतिविभ्रमः ॥ ८ ॥
संग (आसक्ति) से काम (इच्छा) उत्पन्न होती है, काम से क्रोध उत्पन्न होता है। क्रोध से सम्मोह (मूढ़ता) होता है, और सम्मोह से स्मृति का विभ्रम (भ्रम) होता है।
आसक्तीपासून भ्रमापर्यंतची साखळी
संगात्सङ्गते संजायते कामः कामात्क्रोधोऽभिजायते । क्रोधाद्भवति सम्मोहः सम्मोहस्मृतिविभ्रमः ॥ ८ ॥
संगामुळे (आसक्तीमुळे) काम (इच्छा) उत्पन्न होते, कामामुळे क्रोध उत्पन्न होतो. क्रोधामुळे सम्मोह (मूढता) होतो, आणि सम्मोहामुळे स्मृतीचा विभ्रम (भ्रम) होतो.