Beyond Rebirth, Union with the Divine
आब्रह्मभुवनाल्लोका: पुनरावर्तिनोऽर्जुन । मामुपेत्य तु कौन्तेय पुनर्जन्म न विद्यते ॥ 16॥
All the worlds, up to the abode of Brahma, are subject to return and rebirth, O Arjuna; but having attained Me, O son of Kunti, there is no rebirth.
pocketpage.in
मुझे पाकर पुनर्जन्म नहीं
आब्रह्मभुवनाल्लोका: पुनरावर्तिनोऽर्जुन । मामुपेत्य तु कौन्तेय पुनर्जन्म न विद्यते ॥ 16॥
हे अर्जुन, ब्रह्मलोक तक के सभी लोक पुनरावर्ती हैं अर्थात वहाँ से भी लौटना पड़ता है, परंतु हे कौन्तेय, मुझे प्राप्त करके पुनर्जन्म नहीं होता।
pocketpage.in
मला प्राप्त झाल्यावर पुनर्जन्म नाही
आब्रह्मभुवनाल्लोका: पुनरावर्तिनोऽर्जुन । मामुपेत्य तु कौन्तेय पुनर्जन्म न विद्यते ॥ 16॥
हे अर्जुना, ब्रह्मलोकापर्यंतचे सर्व लोक पुनरावर्ती आहेत, म्हणजे तेथूनही परत यावे लागते, परंतु हे कौंतेया, मला प्राप्त झाल्यावर पुनर्जन्म होत नाही.
pocketpage.in