Worship Determines the Destination
यान्ति देवव्रता देवान्पितॄ न्यान्ति पितृव्रता: । भूतानि यान्ति भूतेज्या यान्ति मद्याजिनोऽपि माम् ॥25॥
Those who worship the gods go to the gods; those who worship the ancestors go to the ancestors; those who worship spirits go to the spirits; but those who worship me come to me alone.
जैसी उपासना वैसी गति
यान्ति देवव्रता देवान्पितॄ न्यान्ति पितृव्रता: । भूतानि यान्ति भूतेज्या यान्ति मद्याजिनोऽपि माम् ॥25॥
देवताओं की पूजा करने वाले देवताओं को प्राप्त होते हैं, पितरों की पूजा करने वाले पितरों को प्राप्त होते हैं, भूत-प्रेतों की पूजा करने वाले भूतों को प्राप्त होते हैं, परंतु मेरी पूजा करने वाले भक्त मुझे ही प्राप्त होते हैं।
जशी उपासना तशी गती
यान्ति देवव्रता देवान्पितॄ न्यान्ति पितृव्रता: । भूतानि यान्ति भूतेज्या यान्ति मद्याजिनोऽपि माम् ॥25॥
देवतांची उपासना करणारे देवतांना प्राप्त होतात, पितरांची उपासना करणारे पितरांना प्राप्त होतात, भूतांची उपासना करणारे भूतांना प्राप्त होतात, परंतु माझी उपासना करणारे भक्त मलाच येऊन मिळतात.