॥ श्री राम रक्षा स्तोत्र ॥
सुग्रीवेश: कटी पातु सक्थिनी हनुमत्प्रभु: । ऊरू रघुत्तम: पातु रक्ष:कुलविनाशकृत् ॥८॥
May the lord of Sugriva protect my hips; may the master of Hanuman protect my thighs; may the noblest of the Raghus, destroyer of the demon clan, protect my legs.
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॥ श्री राम रक्षा स्तोत्र ॥
सुग्रीवेश: कटी पातु सक्थिनी हनुमत्प्रभु: । ऊरू रघुत्तम: पातु रक्ष:कुलविनाशकृत् ॥८॥
सुग्रीव के स्वामी मेरी कटि (कमर) की रक्षा करें; हनुमान के प्रभु मेरी जंघाओं की रक्षा करें; राक्षसकुल का विनाश करने वाले रघुश्रेष्ठ मेरी जंघाओं की रक्षा करें।
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॥ श्री राम रक्षा स्तोत्र ॥
सुग्रीवेश: कटी पातु सक्थिनी हनुमत्प्रभु: । ऊरू रघुत्तम: पातु रक्ष:कुलविनाशकृत् ॥८॥
सुग्रीवांचे स्वामी माझ्या कमरेचे रक्षण करोत; हनुमंतांचे प्रभू माझ्या मांड्यांचे रक्षण करोत; राक्षसकुळाचा नाश करणारे रघुश्रेष्ठ माझ्या मांड्यांचे रक्षण करोत.
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