॥ श्री राम रक्षा स्तोत्र ॥
शरण्यौ सर्वसत्वानां श्रेष्ठौ सर्वधनुष्मताम् । रक्ष:कुलनिहन्तारौ त्रायेतां नो रघुत्तमौ ॥१९॥
The refuge of all beings, foremost among all wielders of the bow, destroyers of the demon clan — may these two noblest of the Raghu line protect us.
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॥ श्री राम रक्षा स्तोत्र ॥
शरण्यौ सर्वसत्वानां श्रेष्ठौ सर्वधनुष्मताम् । रक्ष:कुलनिहन्तारौ त्रायेतां नो रघुत्तमौ ॥१९॥
सभी प्राणियों के शरणदाता, सभी धनुर्धरों में श्रेष्ठ, राक्षसकुल के संहारक — वे दोनों रघुश्रेष्ठ हमारी रक्षा करें।
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॥ श्री राम रक्षा स्तोत्र ॥
शरण्यौ सर्वसत्वानां श्रेष्ठौ सर्वधनुष्मताम् । रक्ष:कुलनिहन्तारौ त्रायेतां नो रघुत्तमौ ॥१९॥
सर्व प्राण्यांचे आश्रयदाते, सर्व धनुर्धरांमध्ये श्रेष्ठ, राक्षसकुळाचा नाश करणारे — ते दोघे रघुश्रेष्ठ आमचे रक्षण करोत.
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