A Land of Living Example
एतद्देश प्रसूतस्य सकाशादग्रजन्मना । स्वं स्वं चरित्रं शिक्षेरन् पृथिव्यां सर्वमानवाः ॥
From those born in this sacred land, people all over the world should learn how to conduct themselves with integrity and virtue. This verse reminds us that noble character, once learned here, becomes a light for the whole world.
आदर्श आचरण की भूमि
एतद्देश प्रसूतस्य सकाशादग्रजन्मना । स्वं स्वं चरित्रं शिक्षेरन् पृथिव्यां सर्वमानवाः ॥
इस पवित्र भूमि में जन्मे लोगों से समस्त पृथ्वी के मनुष्यों को अपने-अपने आचरण की शिक्षा लेनी चाहिए। यह श्लोक स्मरण कराता है कि यहाँ सीखा गया सदाचार समूचे विश्व के लिए एक प्रकाशस्तंभ बन सकता है।
आदर्श आचरणाची भूमी
एतद्देश प्रसूतस्य सकाशादग्रजन्मना । स्वं स्वं चरित्रं शिक्षेरन् पृथिव्यां सर्वमानवाः ॥
या पवित्र भूमीत जन्मलेल्या लोकांकडून जगातील सर्व माणसांनी आपापले आचरण कसे असावे हे शिकावे. हा श्लोक आठवण करून देतो की येथे शिकलेला सदाचार संपूर्ण जगासाठी दीपस्तंभ ठरू शकतो.