An Onion Stays an Onion
कर्पूरधूलिरचितालवालः कस्तूरिकापंकनिमग्ननालः, गंगाजलैः सिक्तसमूलवालः स्वीयं गुणं मुञ्चति किं पलाण्डुः
Even if you plant an onion in a bed of camphor powder, sink its stem in fragrant musk, and water its roots with sacred Ganges water, does it ever give up its own pungent nature? However much you dress up the surroundings, a person's true nature does not change on its own.
स्वभाव नहीं बदलता
कर्पूरधूलिरचितालवालः कस्तूरिकापंकनिमग्ननालः, गंगाजलैः सिक्तसमूलवालः स्वीयं गुणं मुञ्चति किं पलाण्डुः
प्याज़ को चाहे कर्पूर की राख में लगाया जाए, कस्तूरी के लेप में उसकी जड़ें डुबोई जाएँ और गंगाजल से सींचा जाए, तो भी क्या वह अपनी तीखी गंध छोड़ देता है? कितना भी अच्छा वातावरण मिले, व्यक्ति का मूल स्वभाव अपने आप नहीं बदलता।
स्वभाव बदलत नाही
कर्पूरधूलिरचितालवालः कस्तूरिकापंकनिमग्ननालः, गंगाजलैः सिक्तसमूलवालः स्वीयं गुणं मुञ्चति किं पलाण्डुः
कांदा जरी कापूराच्या राखेत लावला, कस्तुरीच्या चिखलात त्याची मुळे बुडवली आणि गंगाजलाने सिंचन केले, तरी तो आपला तिखट गंध सोडतो का? कितीही चांगले वातावरण मिळाले तरी माणसाचा मूळ स्वभाव आपोआप बदलत नाही.