Blind to One's Own Faults
खलः सर्षपमात्राणि पराच्छिद्राणि पश्यति । आत्मनो बिल्वमात्राणि पश्यन्नपि न पश्यति ॥
A mean-spirited person spots even the tiniest fault in others, no bigger than a mustard seed, yet remains blind to his own faults even when they are as large as a wood-apple. It's far easier to judge others than to honestly examine ourselves.
अपनी बुराई न दिखना
खलः सर्षपमात्राणि पराच्छिद्राणि पश्यति । आत्मनो बिल्वमात्राणि पश्यन्नपि न पश्यति ॥
एक ओछे स्वभाव का व्यक्ति दूसरों की छोटी-सी-छोटी गलती भी सरसों के दाने जितनी देख लेता है, परंतु अपनी बड़ी-से-बड़ी गलती, जो बेल के फल जितनी बड़ी हो, उसे भी नहीं देख पाता। दूसरों को आँकना आसान है, स्वयं को परखना कठिन।
स्वतःचा दोष न दिसणे
खलः सर्षपमात्राणि पराच्छिद्राणि पश्यति । आत्मनो बिल्वमात्राणि पश्यन्नपि न पश्यति ॥
क्षुद्र मनोवृत्तीचा माणूस दुसऱ्यांची अगदी लहान चूकही मोहरीच्या दाण्याइतकी बारकाईने पाहतो, पण स्वतःची मोठी चूक, जी बेलाच्या फळाएवढी असली तरी त्याला दिसत नाही. इतरांना जोखणे सोपे, स्वतःला पारखणे कठीण.