Karma Finds Its Owner
यथा हि गोसहस्रेषु वत्सो विन्दति मातरम् । तथा पूर्वकृतं कर्म कर्तारम् अनुविन्दति ॥
Just as a calf unerringly finds its own mother even among a thousand cows, the consequences of one's past deeds will unfailingly find their way back to the one who did them. No action, good or bad, is ever truly lost.
कर्म अपने कर्ता को खोज लेता है
यथा हि गोसहस्रेषु वत्सो विन्दति मातरम् । तथा पूर्वकृतं कर्म कर्तारम् अनुविन्दति ॥
जैसे एक बछड़ा हजारों गायों में से अपनी माँ को पहचान लेता है, वैसे ही व्यक्ति के पूर्वकृत कर्मों का फल अंततः उसे ही खोज लेता है। कोई भी कर्म, चाहे अच्छा हो या बुरा, कभी व्यर्थ नहीं जाता।
कर्म कर्त्याला शोधून काढते
यथा हि गोसहस्रेषु वत्सो विन्दति मातरम् । तथा पूर्वकृतं कर्म कर्तारम् अनुविन्दति ॥
ज्याप्रमाणे वासरू हजारो गायींमध्ये आपल्या आईला अचूक ओळखते, त्याचप्रमाणे माणसाने केलेल्या कर्माचे फळ अखेर त्यालाच शोधून येते. चांगले असो वा वाईट, कोणतेही कर्म वाया जात नाही.