Know Yourself, Know Your Times
कः कालः कानि मित्राणि को देशः को व्ययागमौ । कस्याहं का च मे शक्तिः इति चिन्त्यं मुहुर्मुहुः ॥
What time/circumstances do I live in, who are my true friends, where am I, what are my income and expenses, whom do I belong to, and what is my own capacity — one should reflect on these questions again and again.
बार-बार आत्मचिंतन
कः कालः कानि मित्राणि को देशः को व्ययागमौ । कस्याहं का च मे शक्तिः इति चिन्त्यं मुहुर्मुहुः ॥
यह समय कैसा है, मेरे मित्र कौन हैं, यह स्थान कैसा है, आय-व्यय क्या है, मैं किसका हूँ और मेरी सामर्थ्य कितनी है - इन बातों पर बार-बार विचार करना चाहिए।
वारंवार आत्मचिंतन
कः कालः कानि मित्राणि को देशः को व्ययागमौ । कस्याहं का च मे शक्तिः इति चिन्त्यं मुहुर्मुहुः ॥
काळ कसा आहे, माझे मित्र कोण आहेत, हा प्रदेश कसा आहे, माझे उत्पन्न-खर्च किती आहे, मी कोणाचा आहे आणि माझी शक्ती किती आहे - याचा वारंवार विचार करावा.