Knowledge and Action Together
उभाभ्यामेव पक्षाभ्यां यथा खे पक्षिणां गतिः । तथैव ज्ञानकर्मभ्यां जायते परमं पदम् ॥
Just as a bird needs both wings to fly through the sky, one attains the highest goal in life only through the combination of knowledge and action — neither alone is enough.
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ज्ञान और कर्म की जोड़ी
उभाभ्यामेव पक्षाभ्यां यथा खे पक्षिणां गतिः । तथैव ज्ञानकर्मभ्यां जायते परमं पदम् ॥
जैसे पक्षी आकाश में दोनों पंखों की सहायता से ही उड़ पाता है, वैसे ही परम पद (मोक्ष) की प्राप्ति ज्ञान और कर्म दोनों के संयोग से ही होती है - अकेले किसी एक से नहीं।
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ज्ञान आणि कर्माची जोडी
उभाभ्यामेव पक्षाभ्यां यथा खे पक्षिणां गतिः । तथैव ज्ञानकर्मभ्यां जायते परमं पदम् ॥
ज्याप्रमाणे पक्षी आकाशात दोन्ही पंखांच्या साहाय्यानेच उडू शकतो, त्याचप्रमाणे परम पद (मोक्ष) ज्ञान आणि कर्म या दोहोंच्या संयोगानेच प्राप्त होते - एकट्याने नाही.
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