Rare Virtues Among People
विरला जानन्ति गुणान् विरलाः कुर्वन्ति निर्धने स्नेहम् । विरलाः परकार्यरताः परदुःखेनापि दुःखिता विरलाः ॥
Rare are those who truly recognize merit in others; rare are those who show affection to the poor; rare are those devoted to helping others; and rarest of all are those who feel genuine sorrow at another's suffering.
दुर्लभ गुण
विरला जानन्ति गुणान् विरलाः कुर्वन्ति निर्धने स्नेहम् । विरलाः परकार्यरताः परदुःखेनापि दुःखिता विरलाः ॥
विरले ही लोग गुणों को पहचानते हैं, विरले ही निर्धन से स्नेह करते हैं, विरले ही दूसरों के काम में तत्पर रहते हैं, और सबसे विरले वे हैं जो दूसरों के दुःख से स्वयं दुःखी होते हैं।
दुर्मिळ गुण
विरला जानन्ति गुणान् विरलाः कुर्वन्ति निर्धने स्नेहम् । विरलाः परकार्यरताः परदुःखेनापि दुःखिता विरलाः ॥
फार थोडे लोक गुण ओळखतात, फार थोडे गरिबांवर प्रेम करतात, फार थोडे दुसऱ्यांच्या कामी तत्पर असतात, आणि सर्वांत दुर्मिळ म्हणजे दुसऱ्याच्या दुःखाने स्वतः दुःखी होणारे.