The Danger of Half-Knowledge
अज्ञः सुखम् आराध्यः सुखतरम् आराध्यते विशेषज्ञः । ज्ञानलवदुर्विदग्धं ब्रह्मा अपि नरं न रंजयति ॥
A completely ignorant person is easy to please, and a true expert is easier still to satisfy — but a person puffed up with a mere scrap of knowledge cannot be pleased even by the creator himself. Half-knowledge bred with arrogance is far more dangerous than no knowledge at all.
अधूरा ज्ञान, बड़ा अहंकार
अज्ञः सुखम् आराध्यः सुखतरम् आराध्यते विशेषज्ञः । ज्ञानलवदुर्विदग्धं ब्रह्मा अपि नरं न रंजयति ॥
पूर्णतः अज्ञानी व्यक्ति को प्रसन्न करना आसान है, और सच्चे विशेषज्ञ को प्रसन्न करना उससे भी आसान है; परंतु जिसे थोड़ा-सा ज्ञान होकर घमंड हो गया है, उसे तो स्वयं ब्रह्मा भी प्रसन्न नहीं कर सकते। थोड़े ज्ञान का अहंकार अज्ञान से भी अधिक हानिकारक होता है।
अर्धवट ज्ञानाचा गर्व
अज्ञः सुखम् आराध्यः सुखतरम् आराध्यते विशेषज्ञः । ज्ञानलवदुर्विदग्धं ब्रह्मा अपि नरं न रंजयति ॥
पूर्ण अज्ञानी माणसाला संतुष्ट करणे सोपे असते, आणि खऱ्या ज्ञानी माणसाला त्याहूनही सोपे; पण ज्याला थोडेसे ज्ञान होऊन गर्व चढला आहे, त्याला खुद्द ब्रह्मदेवही प्रसन्न करू शकत नाही. अर्धवट ज्ञानाचा अहंकार अज्ञानापेक्षाही जास्त घातक असतो.