The Greatest Wonder
अहन्यहनि भूतानि गच्छन्ति यमालयम् । शेषाः स्थावरमिच्छन्ति किमाश्चर्यमतः परम् ॥
Day after day, countless beings die and depart to the realm of Death, yet those who remain go on living as though they were permanent, never truly reckoning with their own mortality. What greater wonder is there than this — that we witness death constantly, yet act as if it will never touch us?
सबसे बड़ा आश्चर्य
अहन्यहनि भूतानि गच्छन्ति यमालयम् । शेषाः स्थावरमिच्छन्ति किमाश्चर्यमतः परम् ॥
प्रतिदिन अनगिनत प्राणी मृत्यु को प्राप्त होते हैं, फिर भी जो जीवित बचे हैं वे ऐसे जीते हैं मानो वे सदा रहने वाले हों। मृत्यु को हर दिन अपनी आँखों से देखते हुए भी अपनी मृत्यु को न मानना — इससे बड़ा आश्चर्य और क्या हो सकता है?
सर्वात मोठे आश्चर्य
अहन्यहनि भूतानि गच्छन्ति यमालयम् । शेषाः स्थावरमिच्छन्ति किमाश्चर्यमतः परम् ॥
दररोज असंख्य जीव मृत्यूला सामोरे जातात, तरीही उरलेले लोक असे जगतात जणू ते कायम टिकणार आहेत. रोज मृत्यू डोळ्यांनी पाहूनही स्वतःच्या मृत्यूची जाणीव न ठेवणे — यापेक्षा मोठे आश्चर्य ते कोणते?