The Rarest Virtue: Generosity
शतेषु जायते शूरः सहस्रेषु च पंडितः । वक्ता दशसहस्रेषु दाता भवति वा न वा ॥
Among a hundred people, you might find one brave hero; among a thousand, one true scholar; among ten thousand, one gifted speaker — but a truly generous giver may not be found at all, however far you search. Of all admirable qualities, genuine generosity is the rarest.
सबसे दुर्लभ गुण, उदारता
शतेषु जायते शूरः सहस्रेषु च पंडितः । वक्ता दशसहस्रेषु दाता भवति वा न वा ॥
सौ में एक शूरवीर मिल जाता है, हज़ार में एक विद्वान, दस हज़ार में एक अच्छा वक्ता — परंतु सच्चा उदार दानी व्यक्ति हज़ारों-लाखों में भी मिले या न मिले। सभी गुणों में सच्ची उदारता ही सबसे दुर्लभ है।
सर्वात दुर्मिळ गुण, औदार्य
शतेषु जायते शूरः सहस्रेषु च पंडितः । वक्ता दशसहस्रेषु दाता भवति वा न वा ॥
शंभरात एक शूरवीर सापडतो, हजारात एक विद्वान, दहा हजारात एक चांगला वक्ता — पण खरा उदार दाता हजारो-लाखोंतही सापडेल किंवा न सापडेल. सर्व गुणांमध्ये खरे औदार्य हेच सर्वात दुर्मिळ आहे.