The Resolute Mind
क्वचिद्भूमौ शय्या क्वचिदपि पर्यङ्कशयनं क्वचिच्छाकाहारी क्वचिदपि च शाल्योदनरुचिः । क्वचित्कन्थाधारी क्वचिदपि च दिव्याम्बरधरो मनस्वी कार्यार्थी न गणयति दुःखं न च सुखम् ॥
Sometimes a bed on the bare ground, sometimes a soft couch; sometimes plain vegetables, sometimes a feast of fine rice; sometimes tattered rags, sometimes fine robes — a person of firm resolve, intent on their goal, pays no attention to comfort or hardship along the way.
दृढ़ संकल्प वाला मन
क्वचिद्भूमौ शय्या क्वचिदपि पर्यङ्कशयनं क्वचिच्छाकाहारी क्वचिदपि च शाल्योदनरुचिः । क्वचित्कन्थाधारी क्वचिदपि च दिव्याम्बरधरो मनस्वी कार्यार्थी न गणयति दुःखं न च सुखम् ॥
कभी ज़मीन पर सोना तो कभी मुलायम पलंग पर, कभी साधारण साग-सब्जी तो कभी स्वादिष्ट भोजन, कभी फटे-पुराने वस्त्र तो कभी सुंदर वस्त्र — जिस व्यक्ति का मन दृढ़ संकल्पित है और जो अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, वह सुख-दुःख की परवाह नहीं करता।
दृढनिश्चयी मन
क्वचिद्भूमौ शय्या क्वचिदपि पर्यङ्कशयनं क्वचिच्छाकाहारी क्वचिदपि च शाल्योदनरुचिः । क्वचित्कन्थाधारी क्वचिदपि च दिव्याम्बरधरो मनस्वी कार्यार्थी न गणयति दुःखं न च सुखम् ॥
कधी जमिनीवर झोपणे तर कधी मऊ बिछान्यावर, कधी साधे भाजीभाकरीचे जेवण तर कधी स्वादिष्ट भोजन, कधी जीर्ण वस्त्रे तर कधी सुंदर वस्त्रे — जो माणूस आपल्या ध्येयाशी ठाम असतो, तो वाटेत येणाऱ्या सुख-दुःखाची पर्वा करत नाही.