The Swan's True Discernment
हंसः श्वेतो बकः श्वेतो को भेदो बकहंसयोः । नीरक्षीरविवेके तु हंसः हंसो बको बकः ॥
A swan is white, and so is a crane — what real difference is there between them? But when it comes to discernment, like separating milk from water, the swan proves itself a true swan, while the crane remains just a crane. True quality shows itself not in appearance, but in judgment and discrimination.
विवेक की परख
हंसः श्वेतो बकः श्वेतो को भेदो बकहंसयोः । नीरक्षीरविवेके तु हंसः हंसो बको बकः ॥
हंस भी सफेद होता है और बगुला भी सफेद होता है—दोनों में क्या अंतर है? परंतु दूध और पानी अलग करने के विवेक में हंस असली हंस साबित होता है, और बगुला बगुला ही रह जाता है। असली गुण दिखावे में नहीं, विवेक में झलकता है।
विवेकाची कसोटी
हंसः श्वेतो बकः श्वेतो को भेदो बकहंसयोः । नीरक्षीरविवेके तु हंसः हंसो बको बकः ॥
हंसही पांढरा असतो आणि बगळाही पांढरा असतो—दोघांत काय फरक आहे? पण दूध आणि पाणी वेगळे करण्याच्या विवेकात हंस खरा हंस ठरतो, आणि बगळा बगळाच राहतो. खरा गुण दिखाव्यात नाही तर विवेकात दिसून येतो.