True Nature Endures
स्वभावं न जहात्येव साधुरापद्गतोऽपि सन् । कर्पूरः पावकस्पृष्टः सौरभं लभतेतराम् ॥
A virtuous person never loses their true nature, even in the depths of misfortune — just as camphor, when touched by fire, releases its fragrance all the more. Real character reveals itself most brightly under pressure.
स्वभाव नहीं बदलता
स्वभावं न जहात्येव साधुरापद्गतोऽपि सन् । कर्पूरः पावकस्पृष्टः सौरभं लभतेतराम् ॥
सज्जन व्यक्ति विपत्ति में पड़कर भी अपना स्वभाव नहीं छोड़ता, जैसे कपूर आग से छूने पर भी और अधिक सुगंध देता है। सच्चा चरित्र संकट में और निखर कर सामने आता है।
स्वभाव कधीच बदलत नाही
स्वभावं न जहात्येव साधुरापद्गतोऽपि सन् । कर्पूरः पावकस्पृष्टः सौरभं लभतेतराम् ॥
सज्जन माणूस संकटात सापडला तरी आपला स्वभाव सोडत नाही, जसे कापूर अग्नीच्या स्पर्शानेही अधिकच सुगंध देतो. खरे चारित्र्य संकटातच अधिक उजळून निघते.