True Vision
मातृवत्परदारेषु परद्रव्येषु लोष्टवत् । आत्मवत्सर्वभूतेषु यः पश्यति स पश्यति ॥
One who sees another's spouse as a mother, another's wealth as mere dirt, and all living beings as one's own self — that person truly sees, truly understands life.
pocketpage.in
सच्ची दृष्टि
मातृवत्परदारेषु परद्रव्येषु लोष्टवत् । आत्मवत्सर्वभूतेषु यः पश्यति स पश्यति ॥
जो पराई स्त्री को माता के समान, दूसरों के धन को मिट्टी के ढेले के समान, और समस्त प्राणियों को अपने समान देखता है - वही सच्चे अर्थों में देखता है, अर्थात वही सच्चा ज्ञानी है।
pocketpage.in
खरी दृष्टी
मातृवत्परदारेषु परद्रव्येषु लोष्टवत् । आत्मवत्सर्वभूतेषु यः पश्यति स पश्यति ॥
जो परस्त्रीला मातेसमान, परधनाला मातीच्या ढेकळाप्रमाणे आणि सर्व प्राणिमात्रांना स्वतःसमान पाहतो - तोच खऱ्या अर्थाने पाहतो, म्हणजेच तोच खरा ज्ञानी होय.
pocketpage.in