What the Great Consider Trivial
उदारस्य तृणं वित्तं शूरस्य मरणं तृणं । विरक्तस्य तृणं भार्या निस्पृहस्य तृणं जगत् ॥
To the generous, wealth is worth no more than a blade of grass; to the brave, even death is a trifle; to the detached, family ties matter little; and to one free of all desire, the entire world seems insignificant. Greatness is measured by what a person can hold lightly.
महानों की उदासीनता
उदारस्य तृणं वित्तं शूरस्य मरणं तृणं । विरक्तस्य तृणं भार्या निस्पृहस्य तृणं जगत् ॥
उदार व्यक्ति के लिए धन तिनके के समान है, वीर के लिए मृत्यु तुच्छ है, विरक्त के लिए पत्नी और परिवार का मोह नगण्य है, और निःस्पृह व्यक्ति के लिए तो सारा संसार ही तुच्छ है। किसी चीज़ को कितनी सहजता से छोड़ सकते हैं, यही किसी की महानता की कसौटी है।
थोरांची निरिच्छता
उदारस्य तृणं वित्तं शूरस्य मरणं तृणं । विरक्तस्य तृणं भार्या निस्पृहस्य तृणं जगत् ॥
उदार माणसासाठी धन गवताच्या काडीसमान असते, शूरासाठी मृत्यू क्षुल्लक असतो, विरक्तासाठी पत्नी व कुटुंबाचा मोह नगण्य असतो, आणि निरिच्छ माणसासाठी तर संपूर्ण जगच क्षुल्लक भासते. एखादी गोष्ट किती सहज सोडता येते, हीच खरी थोरवीची कसोटी आहे.