Meditation Is Greater Than Thought
ध्यानं वाव चित्ताद्भूयो ध्यायतीव पृथिवी ध्यायतीवान्तरिक्षं ध्यायतीव द्यौर्ध्यायन्तीवापो ध्यायन्तीव पर्वता देवमनुष्यास्तस्माद्य इह मनुष्याणां महत्तां प्राप्नुवन्ति ध्यानापादांशा इवैव ते भवन्त्यथ येऽल्पाः कलहिनः पिशुना उपवादिनस्तेऽथ ये प्रभवो ध्यानापादांशा इवैव ते भवन्ति ध्यानमुपास्स्वेति ॥ १ ॥ स यो ध्यानं ब्रह्मेत्युपास्ते यावद्ध्यानस्य गतं तत्रास्य यथाकामचारो भवति यो ध्यानं ब्रह्मेत्युपास्तेऽस्ति भगवो ध्यानाद्भूय इति ध्यानाद्वाव भूयोऽस्तीति तन्मे भगवान्ब्रवीत्विति ॥ २ ॥
'Meditation is indeed greater than thought. The earth, as it were, meditates; the atmosphere, as it were, meditates; heaven, as it were, meditates; the waters, as it were, meditate; the mountains, as it were, meditate; gods and men, as it were, meditate. Therefore, those among men here who attain greatness seem to share, as it were, a portion of meditation; while those who are small, quarrelsome, slanderous, and abusive - they too, as it were, share a portion of the lack of meditation; and those who are eminent seem to share, as it were, a portion of meditation. Meditate upon meditation.' 'One who meditates on meditation as Brahman, venerable one, has freedom of movement, so far as meditation extends. Is there, venerable one, anything greater than meditation?' 'There is indeed something greater than meditation.'
Meditation Is Greater Than Thought
ध्यानं वाव चित्ताद्भूयो ध्यायतीव पृथिवी ध्यायतीवान्तरिक्षं ध्यायतीव द्यौर्ध्यायन्तीवापो ध्यायन्तीव पर्वता देवमनुष्यास्तस्माद्य इह मनुष्याणां महत्तां प्राप्नुवन्ति ध्यानापादांशा इवैव ते भवन्त्यथ येऽल्पाः कलहिनः पिशुना उपवादिनस्तेऽथ ये प्रभवो ध्यानापादांशा इवैव ते भवन्ति ध्यानमुपास्स्वेति ॥ १ ॥ स यो ध्यानं ब्रह्मेत्युपास्ते यावद्ध्यानस्य गतं तत्रास्य यथाकामचारो भवति यो ध्यानं ब्रह्मेत्युपास्तेऽस्ति भगवो ध्यानाद्भूय इति ध्यानाद्वाव भूयोऽस्तीति तन्मे भगवान्ब्रवीत्विति ॥ २ ॥
'ध्यान वस्तुतः चित्त से बढ़कर है। पृथ्वी मानो ध्यान करती है, अन्तरिक्ष मानो ध्यान करता है, स्वर्ग मानो ध्यान करता है, जल मानो ध्यान करता है, पर्वत मानो ध्यान करते हैं, देव और मनुष्य मानो ध्यान करते हैं। इसीलिए यहाँ मनुष्यों में से जो महानता प्राप्त करते हैं, वे मानो ध्यान के अंश-भागी बनते हैं; और जो क्षुद्र, कलहप्रिय, चुगलखोर, निन्दक हैं - वे मानो ध्यानहीनता के अंश-भागी बनते हैं; और जो प्रभावशाली हैं, वे मानो ध्यान के अंश-भागी बनते हैं। ध्यान की उपासना करो।' 'जो ध्यान को ब्रह्म मानकर उपासना करता है, भगवन्, उसे ध्यान की सीमा तक स्वच्छन्द विचरण प्राप्त होता है। क्या, भगवन्, ध्यान से भी बढ़कर कुछ है?' 'ध्यान से भी बढ़कर निश्चय ही कुछ है।'
Meditation Is Greater Than Thought
ध्यानं वाव चित्ताद्भूयो ध्यायतीव पृथिवी ध्यायतीवान्तरिक्षं ध्यायतीव द्यौर्ध्यायन्तीवापो ध्यायन्तीव पर्वता देवमनुष्यास्तस्माद्य इह मनुष्याणां महत्तां प्राप्नुवन्ति ध्यानापादांशा इवैव ते भवन्त्यथ येऽल्पाः कलहिनः पिशुना उपवादिनस्तेऽथ ये प्रभवो ध्यानापादांशा इवैव ते भवन्ति ध्यानमुपास्स्वेति ॥ १ ॥ स यो ध्यानं ब्रह्मेत्युपास्ते यावद्ध्यानस्य गतं तत्रास्य यथाकामचारो भवति यो ध्यानं ब्रह्मेत्युपास्तेऽस्ति भगवो ध्यानाद्भूय इति ध्यानाद्वाव भूयोऽस्तीति तन्मे भगवान्ब्रवीत्विति ॥ २ ॥
'ध्यान खरोखर चित्ताहून श्रेष्ठ आहे. पृथ्वी जणू ध्यान करते, अंतरिक्ष जणू ध्यान करते, स्वर्ग जणू ध्यान करते, जल जणू ध्यान करते, पर्वत जणू ध्यान करतात, देव आणि मानव जणू ध्यान करतात. म्हणूनच इथे मानवांपैकी जे महानता प्राप्त करतात, ते जणू ध्यानाचे अंश-भागीदार बनतात; आणि जे क्षुद्र, कलहप्रिय, चुगलखोर, निंदक आहेत - ते जणू ध्यानहीनतेचे अंश-भागीदार बनतात; आणि जे प्रभावशाली आहेत, ते जणू ध्यानाचे अंश-भागीदार बनतात. ध्यानाची उपासना कर.' 'जो ध्यानाला ब्रह्म मानून उपासना करतो, भगवन, त्याला ध्यानाच्या मर्यादेपर्यंत स्वच्छंद संचार प्राप्त होतो. भगवन, ध्यानाहूनही श्रेष्ठ काही आहे का?' 'ध्यानाहूनही श्रेष्ठ नक्कीच काही आहे.'