How the Wise Choose
श्रेयश्च प्रेयश्च मनुष्यमेतस्तौ सम्परीत्य विविनक्ति धीरः । श्रेयो हि धीरोऽभि प्रेयसो वृणीते प्रेयो मन्दो योगक्षेमाद्वृणीते ॥ २ ॥
Both the good and the pleasant present themselves to a person; the wise one distinguishes between them after due reflection. The wise choose the good over the pleasant; the foolish choose the pleasant, driven by desire for gain and comfort.
How the Wise Choose
श्रेयश्च प्रेयश्च मनुष्यमेतस्तौ सम्परीत्य विविनक्ति धीरः । श्रेयो हि धीरोऽभि प्रेयसो वृणीते प्रेयो मन्दो योगक्षेमाद्वृणीते ॥ २ ॥
श्रेय और प्रेय दोनों मनुष्य के सम्मुख आते हैं; बुद्धिमान व्यक्ति विचार करके इनमें भेद करता है। बुद्धिमान प्रेय की अपेक्षा श्रेय को चुनता है; मूर्ख लाभ और सुरक्षा के लोभ में प्रेय को चुनता है।
How the Wise Choose
श्रेयश्च प्रेयश्च मनुष्यमेतस्तौ सम्परीत्य विविनक्ति धीरः । श्रेयो हि धीरोऽभि प्रेयसो वृणीते प्रेयो मन्दो योगक्षेमाद्वृणीते ॥ २ ॥
श्रेय आणि प्रेय दोन्ही माणसासमोर येतात; बुद्धिमान माणूस विचार करून यांच्यात फरक करतो. बुद्धिमान प्रेयापेक्षा श्रेय निवडतो; मूर्ख लाभ आणि सुरक्षिततेच्या लोभाने प्रेय निवडतो.