Understanding Before the Body Falls Away
इह चेदशकद्बोद्धुं प्राक्षरीरस्य विस्रसः । ततः सर्गेषु लोकेषु शरीरत्वाय कल्पते ॥ ४ ॥
If a person is able to understand this here, before the body falls away, then he becomes fit for true freedom; if not, he must again take embodiment among the created worlds.
pocketpage.in
Understanding Before the Body Falls Away
इह चेदशकद्बोद्धुं प्राक्षरीरस्य विस्रसः । ततः सर्गेषु लोकेषु शरीरत्वाय कल्पते ॥ ४ ॥
यदि मनुष्य शरीर के नष्ट होने से पहले यहीं इसे समझ सके, तो वह मुक्ति के योग्य होता है; अन्यथा उसे सृष्ट लोकों में फिर देहधारण करना पड़ता है।
pocketpage.in
Understanding Before the Body Falls Away
इह चेदशकद्बोद्धुं प्राक्षरीरस्य विस्रसः । ततः सर्गेषु लोकेषु शरीरत्वाय कल्पते ॥ ४ ॥
जर माणूस शरीर नष्ट होण्यापूर्वीच येथे हे समजू शकला, तर तो मुक्तीस योग्य ठरतो; अन्यथा त्याला सृष्ट लोकांत पुन्हा देहधारण करावे लागते.
pocketpage.in