Established in the Highest World
यो वा एतामेवं वेदापहत्य पाप्मानमनन्ते स्वर्गे लोके ज्येये प्रतितिष्ठति प्रतितिष्ठति ॥ ९॥
Whoever knows this teaching in this way casts off all evil and becomes established in the highest, boundless, heavenly world — yes, established forever.
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Established in the Highest World
यो वा एतामेवं वेदापहत्य पाप्मानमनन्ते स्वर्गे लोके ज्येये प्रतितिष्ठति प्रतितिष्ठति ॥ ९॥
जो कोई इस उपनिषद् को इस प्रकार जानता है, वह समस्त पाप को दूर कर अनन्त, सर्वोच्च स्वर्गलोक में प्रतिष्ठित हो जाता है - सदा के लिए प्रतिष्ठित।
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यो वा एतामेवं वेदापहत्य पाप्मानमनन्ते स्वर्गे लोके ज्येये प्रतितिष्ठति प्रतितिष्ठति ॥ ९॥
जो कोणी ही उपनिषद अशा प्रकारे जाणतो, तो सर्व पाप दूर करून अनंत, सर्वोच्च स्वर्गलोकात प्रतिष्ठित होतो - सदैव प्रतिष्ठित.
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