A: The Sound of Waking
जागरितस्थानो वैश्वानरोऽकारः प्रथमा मात्राऽऽप्तेरादिमत्त्वाद् वाऽऽप्नोति ह वै सर्वान् कामानादिश्च भवति य एवं वेद ॥ ९ ॥
Vaishvanara, whose realm is the waking state, is the sound A, the first sound — because it pervades all things, or because it comes first. One who understands this truly obtains all desires and becomes foremost.
A: The Sound of Waking
जागरितस्थानो वैश्वानरोऽकारः प्रथमा मात्राऽऽप्तेरादिमत्त्वाद् वाऽऽप्नोति ह वै सर्वान् कामानादिश्च भवति य एवं वेद ॥ ९ ॥
जाग्रत अवस्था का वैश्वानर अकार है, प्रथम मात्रा है — क्योंकि वह सबमें व्याप्त होने वाला है अथवा सबसे पहले आने के कारण। जो इसे इस प्रकार जानता है, वह निश्चय ही सभी कामनाओं को प्राप्त करता है और अग्रणी बनता है।
A: The Sound of Waking
जागरितस्थानो वैश्वानरोऽकारः प्रथमा मात्राऽऽप्तेरादिमत्त्वाद् वाऽऽप्नोति ह वै सर्वान् कामानादिश्च भवति य एवं वेद ॥ ९ ॥
जागृत अवस्थेचा वैश्वानर अकार आहे, पहिली मात्रा आहे — कारण तो सर्वव्यापी आहे किंवा सर्वांत आधी येतो म्हणून. जो हे असे जाणतो, तो निश्चितच सर्व इच्छा प्राप्त करतो आणि अग्रणी बनतो.