U: The Sound of Dreaming
स्वप्नस्थानस्तैजस उकारो द्वितीया मात्रोत्कर्षात् उभयत्वाद्वोत्कर्षति ह वै ज्ञानसन्ततिं समानश्च भवति नास्याब्रह्मवित्कुले भवति य एवं वेद ॥ १० ॥
Taijasa, whose realm is the dream state, is the sound U, the second sound — because it signifies elevation, standing as it does between the other two. One who understands this truly advances the tradition of knowledge and becomes balanced toward all; and in his family no one is ever born ignorant of Brahman.
U: The Sound of Dreaming
स्वप्नस्थानस्तैजस उकारो द्वितीया मात्रोत्कर्षात् उभयत्वाद्वोत्कर्षति ह वै ज्ञानसन्ततिं समानश्च भवति नास्याब्रह्मवित्कुले भवति य एवं वेद ॥ १० ॥
स्वप्न अवस्था का तैजस उकार है, द्वितीय मात्रा है — क्योंकि वह उत्कर्ष को दर्शाता है, दोनों के मध्य होने के कारण। जो इसे इस प्रकार जानता है, वह ज्ञान की परम्परा को आगे बढ़ाता है और समभाव को प्राप्त करता है; और उसके कुल में कोई भी ब्रह्मज्ञान से रहित व्यक्ति उत्पन्न नहीं होता।
U: The Sound of Dreaming
स्वप्नस्थानस्तैजस उकारो द्वितीया मात्रोत्कर्षात् उभयत्वाद्वोत्कर्षति ह वै ज्ञानसन्ततिं समानश्च भवति नास्याब्रह्मवित्कुले भवति य एवं वेद ॥ १० ॥
स्वप्नावस्थेचा तैजस उकार आहे, दुसरी मात्रा आहे — कारण तो उत्कर्ष दर्शवतो, दोघांच्या मध्ये असल्यामुळे. जो हे असे जाणतो, तो ज्ञानाची परंपरा पुढे नेतो आणि समभाव प्राप्त करतो; आणि त्याच्या कुळात ब्रह्मज्ञानरहित कोणीही जन्माला येत नाही.