The Sevenfold Breaths and Worlds
सप्त प्राणाः प्रभवन्ति तस्मात्सप्तार्चिषः समिधः सप्त होमाः । सप्त इमे लोका येषु चरन्ति प्राणा गुहाशया निहिताः सप्त सप्त ॥ ८ ॥
From him arise the seven life-breaths, the seven flames, the seven kinds of fuel, and the seven oblations; and these seven worlds in which move the breaths, hidden sevenfold in the secret cave of the heart.
The Sevenfold Breaths and Worlds
सप्त प्राणाः प्रभवन्ति तस्मात्सप्तार्चिषः समिधः सप्त होमाः । सप्त इमे लोका येषु चरन्ति प्राणा गुहाशया निहिताः सप्त सप्त ॥ ८ ॥
उससे सात प्राण, सात ज्वालाएँ, सात समिधाएँ और सात होम उत्पन्न होते हैं। ये सात लोक भी उसी से उत्पन्न होते हैं, जिनमें हृदय-गुहा में सातों प्रकार से स्थित प्राण विचरण करते हैं।
The Sevenfold Breaths and Worlds
सप्त प्राणाः प्रभवन्ति तस्मात्सप्तार्चिषः समिधः सप्त होमाः । सप्त इमे लोका येषु चरन्ति प्राणा गुहाशया निहिताः सप्त सप्त ॥ ८ ॥
त्याच्यापासून सात प्राण, सात ज्वाला, सात समिधा आणि सात होम उत्पन्न होतात. हे सात लोकही त्याच्यापासूनच उत्पन्न होतात, ज्यांमध्ये हृदयगुहेत सातही प्रकारे स्थित प्राण संचार करतात.