Where the Sun Does Not Shine
न तत्र सूर्यो भाति न चन्द्रतारकं नेमा विद्युतो भान्ति कुतोऽयमग्निः । तमेव भान्तमनुभाति सर्वं तस्य भासा सर्वमिदं विभाति ॥ १० ॥
There the sun does not shine, nor the moon and stars, nor do these flashes of lightning shine — how much less this earthly fire. When That shines, everything else shines in reflection; it is by its light that all this is illumined.
Where the Sun Does Not Shine
न तत्र सूर्यो भाति न चन्द्रतारकं नेमा विद्युतो भान्ति कुतोऽयमग्निः । तमेव भान्तमनुभाति सर्वं तस्य भासा सर्वमिदं विभाति ॥ १० ॥
वहाँ न सूर्य प्रकाशित होता है, न चन्द्रमा-तारे, न ये बिजलियाँ चमकती हैं — फिर यह अग्नि तो क्या! उसी के प्रकाशित होने पर सब कुछ प्रकाशित होता है, उसी के प्रकाश से यह सब कुछ प्रकाशमान है।
Where the Sun Does Not Shine
न तत्र सूर्यो भाति न चन्द्रतारकं नेमा विद्युतो भान्ति कुतोऽयमग्निः । तमेव भान्तमनुभाति सर्वं तस्य भासा सर्वमिदं विभाति ॥ १० ॥
तिथे सूर्य प्रकाशत नाही, चंद्र-तारे प्रकाशत नाहीत, या विजाही चमकत नाहीत — मग ही अग्नी तर काय! त्याच्याच प्रकाशाने सर्व काही प्रकाशित होते, त्याच्याच प्रकाशाने हे सर्व प्रकाशमान आहे.