Born Anew in Every Womb
प्रजापतिश्चरसि गर्भे त्वमेव प्रतिजायसे । तुभ्यं प्राण प्रजास्त्विमा बलिं हरन्ति यः प्राणैः प्रतितिष्ठसि ॥ ७ ॥
(Verse) As Prajapati, you move within the womb; it is you yourself who are born again and again. O Prana, all creatures bring their offerings to you, for you dwell within every living being.
Born Anew in Every Womb
प्रजापतिश्चरसि गर्भे त्वमेव प्रतिजायसे । तुभ्यं प्राण प्रजास्त्विमा बलिं हरन्ति यः प्राणैः प्रतितिष्ठसि ॥ ७ ॥
(श्लोक) प्रजापति के रूप में तुम गर्भ में विचरण करते हो; तुम ही बार-बार जन्म लेते हो। हे प्राण, समस्त प्राणी तुम्हें भेंट अर्पित करते हैं, क्योंकि तुम ही प्रत्येक जीव में निवास करते हो।
Born Anew in Every Womb
प्रजापतिश्चरसि गर्भे त्वमेव प्रतिजायसे । तुभ्यं प्राण प्रजास्त्विमा बलिं हरन्ति यः प्राणैः प्रतितिष्ठसि ॥ ७ ॥
(श्लोक) प्रजापतीच्या रूपात तू गर्भात संचार करतोस; तूच वारंवार जन्म घेतोस. हे प्राणा, सर्व प्राणी तुला भेट अर्पण करतात, कारण तूच प्रत्येक जीवामध्ये वास करतोस.