Lord of All, Father of the Wind
व्रात्यस्त्वं प्राणैकर्षरत्ता विश्वस्य सत्पतिः । वयमाद्यस्य दातारः पिता त्वं मातरिश्व नः ॥ ११ ॥
(Verse) You are the Vratya, O Prana, life's one true seer, the eater, the real lord of all. We are the offerers of your first food; you are the father of Matarishvan, the wind.
Lord of All, Father of the Wind
व्रात्यस्त्वं प्राणैकर्षरत्ता विश्वस्य सत्पतिः । वयमाद्यस्य दातारः पिता त्वं मातरिश्व नः ॥ ११ ॥
(श्लोक) तुम व्रात्य हो, हे प्राण, जीवन के एकमात्र सत्य द्रष्टा, भोक्ता, सबके सच्चे स्वामी। हम तुम्हें प्रथम अन्न अर्पित करने वाले हैं; तुम मातरिश्वा अर्थात् वायु के पिता हो।
Lord of All, Father of the Wind
व्रात्यस्त्वं प्राणैकर्षरत्ता विश्वस्य सत्पतिः । वयमाद्यस्य दातारः पिता त्वं मातरिश्व नः ॥ ११ ॥
(श्लोक) तू व्रात्य आहेस, हे प्राणा, जीवनाचा एकमेव सत्य द्रष्टा, भोक्ता, सर्वांचा खरा स्वामी. आम्ही तुला प्रथम अन्न अर्पण करणारे आहोत; तू मातरिश्वा म्हणजेच वायूचा पिता आहेस.